Thursday, October 18, 2012

तुमसे मिल कर




तुमसे मिल कर 

तुमसे मिल कर मैनें जाना 
क्या होता है दर्द
कहाँ पर पाया जाता है 

तुमसे मिल कर मैनें माना
भरी आँख से कैसे कब 
मुस्काया जाता है 

साथ चले तब मैनें जाना 
सबको दिल का हाल नहीं 
बतलाया जाता है 

बिछड गये तब मैनें जाना 
दिल के   दर्द को हँस कर भी 
बहलाया जाता है 



5 comments:

  1. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..

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  2. दर्द को महसूस किया ... सुंदर प्रस्तुति

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  3. Harek shabd sundar.....arthpoorn! Sadagee se bharpoor rachana!

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